बोधगया (गया)। बौद्ध धर्मावलंबियों की पवित्रतम भूमि बोधगया में आज से बुद्धं शरणं गच्छामि की जयघोष गूंजेगी। चीवरधारी बौद्ध भिक्षु एक ओर जहां ब...
बोधगया (गया)। बौद्ध धर्मावलंबियों की पवित्रतम भूमि बोधगया में आज से बुद्धं शरणं गच्छामि की जयघोष गूंजेगी। चीवरधारी बौद्ध भिक्षु एक ओर जहां ब...
40 साल से नियमित पैदल चार धाम यात्रा करने वाले बुजुर्ग चरण दास का हौसला अभी जवान है। बीते वर्ष आपदा का मंजर देखने वाले चरण दास किसी वाहन पर ...
पहाड़ों में लगातार हो रही वर्षा से भले ही चारधाम यात्रा प्रभावित हुई हो, लेकिन यात्रा के प्रति लोगों में उत्साह बरकरार है। बर्फबारी के कारण क...
हिमालयी क्षेत्र में औषधीय गुणों वाले पौधों की भरमार है। इनमें ऐसी वनस्पतियां भी हैं जो इंसान ही नहीं बल्कि भगवान के काम भी आती हैं। ऐसी ही व...
धार्मिक मान्यता-मान्यता है कि यमुनोत्री धाम में मां अवतरित होने पर यमुना ने सूर्य से अपनी किरणों का अंश यमुनोत्री में होने का वरदान मांगा। स...
अगस्त्यमुनि केदारधाम यात्रा का प्रथम पड़ाव ही नहीं, एक खूबसूरत कस्बा भी है। बहुत पुराना, मगर ठेठ नए अंदाज वाला। आपदा में बुरी तरह उजड़ने के बा...
सिद्धपीठ सुरकंडा में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दी जाने वाली रौंसली (वानस्पतिक नाम टेक्सस बकाटा) की पत्तियों में औषधीयगुण भी भरपूर हैं...
चारधाम यात्रा को आने वाले यात्रियों में इस बार अधिकतर पहली बार आने वाले यात्री ही शामिल हैं। आपदा के बाद तीर्थस्थलों के दर्शनों को आने वाले ...
मौसम के बदले मिजाज से चार धाम यात्रा दूसरे दिन भी प्रभावित रही। सोमवार को केदारनाथ में दिनभर रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही तो बदरीनाथ, गंगोत्...
गौरीकुंड से केदारनाथ पैदल मार्ग पर इसी जगह कभी आबाद बस्ती रामबाड़ा हुआ करती थी। आपदा के बाद इसका नामो-निशान नहीं बचा। जिसने रामबाड़ा देखा था उ...