पितृ पक्ष की पौराणिक कथा के अनुसार जोगे तथा भोगे दो भाई थे। दोनों अलग-अलग रहते थे। जोगे धनी था और भोगे निर्धन। दोनों में परस्पर बड़ा प्रेम था...
पितृ पक्ष की पौराणिक कथा के अनुसार जोगे तथा भोगे दो भाई थे। दोनों अलग-अलग रहते थे। जोगे धनी था और भोगे निर्धन। दोनों में परस्पर बड़ा प्रेम था...
श्राद्ध पक्ष में यूं तो शुभ कार्य वर्जित होते हैं। नई वस्तुएं खरीदना, नए परिधान पहनना भी निषेध होता है। लेकिन इन 16 कड़वे दिनों में अष्टमी क...
पितृपक्ष पूर्णिमा से अमावस्या तक 16 दिन का होता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार हमारी मान्यता है कि प्रत्येक की मृत्यु इन 16 तिथियों को छोड़कर अ...
विष्णुपुराण में कहा गया है- श्रद्धा तथा भक्ति से किए गए श्राद्ध से पितरों के साथ ब्रह्मा, इन्द्र, रुद्र दोनों अश्विनी कुमार, सूर्य, अग्नि, आ...
हर विधि का एक विधान होता है। यदि कर्मकांड को उचित विधि से किया जाए तो ही उसका सही फल प्राप्त होता है। तो आइए जानते हैं कि श्राद्ध कर्म की उच...
भादौ महीने के 16 दिन कौआ हर घर की छत का मेहमान बनता है। यह सोलह दिन श्राद्ध पक्ष के दिन माने जाते हैं। कौआ एवं पीपल को पितृ प्रतीक माना जाता...
श्राद्ध में अपराह्न का समय, कुशा, श्राद्धस्थली की स्वच्छता, उदारता से भोजन आदि की व्यवस्था और ब्राह्मण की उपस्थिति। via Web Dunia http://...
गणेशजी आदिकाल से पूजित रहे हैं। वेदों में, पुराणों में (शिवपुराण, स्कंद पुराण, अग्नि पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण आदि) में गणेशजी के संबंध में ...
श्राद्धपक्ष को लेकर दो तरह की बातें हम अक्सर इन 16 दिनों में सुनते हैं। एक तो यह कि इन 16 दिनों में कोई खरीदी नहीं की जानी चाहिए अन्यथा अशुभ...
श्राद्ध पक्ष आरंभ हो चुका है। हिन्दू धर्म को मानने वाले हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध अवश्य करें। श्राद्ध ...
पिता का श्राद्ध पुत्र को ही करना चाहिए। पुत्र के न होने पर पत्नी श्राद्ध कर सकती है। पत्नी न होने पर सगा भाई और उसके भी अभाव में संपिंडों को...
हमारे धार्मिक कार्यों की पूर्णता बगैर मंत्र तथा स्रोतों के नहीं होती है। श्राद्ध में भी इनका विशेष महत्व है। स्रोत कई हैं। दो का उल्लेख पर्य...
'पितृपक्ष' एक प्रकार से पितरों का सामूहिक मेला होता है। इस पक्ष में सभी पितर पृथ्वीलोक में रहने वाले अपने-अपने सगे-संबंधियों के यहां...
श्राद्ध में कुछ वस्तुओं का विशेष महत्व है तथा कुछ का निषेध है। महत्वपूर्ण वस्तुओं में चांदी के बर्तन, कुश, गौ, काला तिल हैं। कुश तथा काला ति...
कर्तव्यों का विशद विवेचन धर्मसूत्रों तथा स्मृतिग्रंथों में मिलता है। कर्तव्यों के पालन करने से चित्त और घर में शांति मिलती है। चित्त और घर म...
मरने के बाद व्यक्ति की 3 तरह की गतियां होती हैं- 1. उर्ध्व गति, 2. स्थिर गति और 3. अधो गति। वेद में उल्लेखित नियमों का पालन करने वाले की उर्...
जैन धर्म के पुराणों के अनुसार क्षमा धरती का वरदान है। राग, द्वेष व प्रतिशोध का किसी के पास भी हल नहीं है। मनुष्य को सहज भाव से अपनी भूलों का...
परंपरानुसार कहा जाता है कि श्री गणेश को उसी तरह बिदा किया जाना चाहिए जैसे हमारे घर का सबसे प्रिय व्यक्ति जब यात्रा पर निकले तब हम उनके साथ व...
श्री गणेश का विसर्जन अनंत चतुर्दशी को होगा। मत-मतांतर से 2014 में स्थापित श्री गणेश का विसर्जन दिनांक 7 और 8 सितंबर को होगा। देश भर के विभिन...
* भगवान विष्णु का स्मरण कर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। via Web Dunia http://ift.tt/1rUgDvH