पिता की सेवा अथवा उनकी आज्ञा का पालन करने से बढ़कर कोई धर्माचरण नहीं है।) via Web Dunia http://ift.tt/SIu8zX
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लेकिन यदि हमसे अंजाने में गलती हुई है और बाद में इसका पछतावा करेंगे, तो वे हमें माफ भी कर देंगे। via जागरण पूजा-पाठ http://ift.tt/1p0uI97
शुभ विक्रम संवत- 2071, अयन- उत्तरायन, मास- आषाढ़, पक्ष- कृष्ण, हिजरी सन्- 1435, मु. मास- सावान, तारीख- 15। दिवस तिथि- प्रतिपदा/ द्वितीया, ...