गुरुजी के आश्रम में बहुत से शिष्य रहते थे। गुरुजी अपनी शिक्षाओं व प्रवचन से उन्हें प्रतिदिन सन्मार्ग की ओर प्रेरित करते थे। एक दिन उनका एक नया शिष्य आश्रम में चोरी करता हुआ पकड़ा गया। शिष्यों ने जाकर उसकी शिकायत गुरुजी से की और कहा कि इस चोर को आश्रम से निकाल दिया जाए, क्via जागरण संत-साधक
http://www.jagran.com/spiritual/sant-saadhak-the-true-master-10596059.html
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