अल्लाह का शुक्र है कि बरकत भरा रमजान का माह आ गया है। इसका हर लम्हा रहमत और बरकत का है। रमजान में रोजे, नमाज और तरावीह के जरिए इबादत की जाती है। इस माह में अल्लाह की रहमत लोगों पर जमकर बरसती है। पैगंबर मोहम्मद साहब ने 'बुखारी शरीफ' में फरमाया है कि रोजे सिर्फ अल्लाह के लिए हैं। रोजे में अल्लाह से खूब दुआ कvia जागरण धर्म समाचार
http://www.jagran.com/spiritual/religion-in-fasting-prayer-request-is-accepted-10573937.html
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