अलग अलग अत्याचारों के तमाम मामले थानों में आते रहे हैं, आते रहेंगे। तहरीर के रूप में खुद पर हुए शोषण की कहानी कागजों पर बयां होती रही हैं, होती रहेंगी .मगर यह मसला कुछ जुदा है। जीवनदायिनी मां की तकदीर बदलने के भावों से तहरीर का हर शब्द गुंथा है। इसमें व्यवस्था सुधार की गुहार तो गंगा के लिए एकजुट हो जाने कvia जागरण धर्म समाचार
http://www.jagran.com/spiritual/religion-tahrir-now-change-the-destiny-of-mother-ganga-10431089.html
0 comments:
Post a Comment