शिव की नगरी देवघर से कई परंपरा जुड़ी हुई है। यहां करीब 600 वर्ष पहले लोग समय ज्ञात करने की क्षमता रखते थे। ये गुण यहां के चक्रवर्ती समाज के लोगों में था। उनके इसी गुण के कारण उन्हें घड़ीदार की उपाधि दी गई और आज भी वे इसी नाम से जाने जाते हैं। कैसे करते थे समय का आंकलन यहां के चक्रवर्ती समाज के लोगों ने जvia जागरण संत-साधक
http://www.jagran.com/spiritual/sant-saadhak-deoghar-the-unique-history-of-timing-10612746.html
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