मन व्यक्तित्व की केंद्रीय धुरी है। शुद्ध, निर्मल, पुष्पों जैसे कोमल मन में शुद्ध संवेदनाएं, सात्विक विचार और उत्कृष्ट प्रेरणाएं लहरों की तरह उठती रहती हैं। शुद्ध पवित्र मन का असर मनुष्य के व्यवहार व व्यक्तित्व पर पड़ता है। प्रसन्न मन अपने निकट के वातावरण में भी प्रसन्नता भर देता है। दूसरी ओर जब मन में ईष्र्या-द्वेष, घृणा, क्त्रोध-वैमनस्य आदि के भvia जागरण संत-साधक
http://www.jagran.com/spiritual/sant-saadhak-sacred-mind-10809704.html
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