तकरीबन साढ़े चार हजार साल पहले अरब की सरजमीं पर अल्लाह तबारक व तआला से बेपनाह मुहब्बत में अपने औलाद को कुर्बान करने का एक वाक्या पेश आया था। एक फरमाबरदार बेटा, एक नेक सालेह बीवी और अल्लाह के प्यार में डूबा बंदा। ये तीन किरदार थे, जो रहती दुनिया तक मिसाल बन गए। हजरत इब्राहिम अलैहसलाम, उनकी बीवी हजरत हाजरा औरvia जागरण धर्म समाचार
http://www.jagran.com/spiritual/religion-allah-is-sweet-sacrifice-10798194.html
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